उत्तरकाशी सैर के लिए के लिए 8 सबसे फेमस टूरिस्ट प्लेसेज | Uttarkashi Uttarakhand

Uttarkashi Uttarakhand, Complete travel guide in hindi

वैसे तो भारत के उत्तराखंड राज्य में घूमने के लिए बहुत सारे सुंदर सुंदर टूरिस्ट प्लेसेज हैं। लेकिन आज हम आपको उत्तराखंड के एक अनोखे और Famous Tourist Place के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका नाम उत्तरकाशी है। यहां आपको प्रकृति के काफी अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे। उत्तरकाशी भागीरथ नदी के किनारे 1158 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 

कहा जाता है कि यहां पर कई देवता और ऋषि मुनियों ने तप किया था। यहां पर धार्मिक स्थल भी हैं, जहां घूमने के लिए हर वर्ष लाखो पर्यटक आते हैं। 

चलिए इस आर्टिकल के माध्यम से हम उत्तरकाशी का इतिहास, उत्तरकाशी की खास बातें और यहां घूमने की सबसे प्रसिद्ध जगह कौन सी है, जान लेते हैं। इसके अलावा हम यह भी जानेंगे कि उत्तरकाशी घूमने के लिए जाएं, तो कहां रुक सकते हैं। घूमने के लिए कितना खर्चा आएगा और उत्तरकाशी आप कैसे जा सकते हैं, सब कुछ जान लेते हैं।

उत्तरकाशी के बारे में पूरी जानकारी – Uttarkashi Traveling Places Details in Hindi

जगह का नामउत्तरकाशी
राज्य का नामउत्तराखंड
कितनी ऊंचाई पर स्थित है1158 मी
किस लिए प्रसिद्ध हैधार्मिक स्थल और पवित्र नदियों के कारण
घूमने का सही समयमार्च से अप्रैल और अक्टूबर से नवंबर तक
कैसे पहुंचेबस, ट्रेन और हवाई जहाज सभी रास्ते हैं।

उत्तरकाशी जिला का इतिहास – History of Uttarkashi in Hindi

उत्तराखंड का उत्तरकाशी जिला 24 फरवरी 1960 को अस्तित्व में आया था। यहां पर रवाई वंश का शासन हुआ करता था। इतिहासकारों के द्वारा यह कहा गया है कि उत्तरकाशी पहले गारवाल साम्राज्य का हिस्सा था, जो कि गढ़वाल राजवंश के अधीन था‌। उत्तरकाशी को देवी देवताओं की जन्म भूमि भी माना जाता है।

यहां पर प्रसिद्ध नदी गंगा के अलावा कई और प्रसिद्ध नदियां भी बहती हैं। उत्तरकाशी में कई प्राचीन मंदिर हैं। यहां पर कई बड़े और प्राचीन कुंड भी हैं, जहां पर दर्शन करने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं।

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उत्तरकाशी में क्या खास है – Why Uttarkashi is Most Famous

उत्तरकाशी को भारत के प्राचीन तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यहां पर हर साल पर्यटकों की भीड़ जमा रहती है। उत्तरकाशी में घूमने लायक काफी अच्छी-अच्छी जगह है। यहां पर कई बड़े प्राचीन मंदिर जैसे की विश्वनाथ मंदिर, दुर्योधन मंदिर, यमुनोत्री धाम और कंडारा मंदिर है। इसके अलावा यहां पर गंगोत्री, रामगंगा, दूधगंगा और बाल गंगा जैसी पवित्र नदियां भी बहती हैं। 

उत्तरकाशी में घूमने की प्रसिद्ध जगह – Famous Places to Visit in Uttarkashi

Famous Places to Visit in Uttarkashi
Famous Places to Visit in Uttarkashi: Image source

उत्तरकाशी में घूमने के लिए काफी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल और अन्य पर्यटक स्थल भी हैं। चलिए हम आपको एक-एक करके उन प्रमुख जगहों के बारे में बता देते हैं –

(1) यमुनोत्री (Yamunotri) –

उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम काफी ज्यादा फेमस है। यहां आकर आप हिमालय की ऊंची ऊंची चोटियों का नजारा देख सकते हैं। यमुनोत्री के पास गर्म पानी के तीन कुंड स्थित हैं।‌ इन कुंड की खास बात यह है कि इनमें हमेशा काफी ज्यादा गर्म पानी रहता है। इस गर्म पानी से चावल और आलू के अलावा अन्य कई चीजें कुछ ही मिनटों में पक जाती हैं। 

जो भी पर्यटक (Tourists) यहां पर आते हैं, वो इन कुंड के पानी का इस्तेमाल करके प्रसाद बनाते हैं। यमुनोत्री धाम उत्तरकाशी से 131 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां आने के लिए पहले आपको हनुमान चट्टी तक जाना होगा। वहां से फिर आगे आपको 6 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके यमुनोत्री धाम तक पहुंचना होगा। 

यमुना नदी के बाएं तट पर यमुनोत्री धाम स्थित है। सर्दियों के मौसम में यमुनोत्री धाम काफी ज्यादा ठंडा रहता है। यहां पर बर्फ पड़ती है, जिस कारण यहां स्थित मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। यमुनोत्री से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर सप्त ऋषि कुंड है। 

(2) नचिकेता ताल (Nachiketa Tal) –

नचिकेता ताल समुद्र तल से 2453 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस ताल के पास ओक, देवदार और अन्य औषधि वृक्ष हैं। नचिकेता ताल के आसपास काफी ज्यादा हरियाली भी है, जिसके कारण यहां पर घूमने के लिए काफी टूरिस्ट आते हैं।

नचिकेता ताल 29 फीट लंबा और 7 फीट गहरा है। कहा जाता है कि ऋषि उदालक ने अपने पुत्र नचिकेत के नाम पर इस सुंदर झील का नाम रखा था।

(3) हरसिल (Harsil) –

हरसिल घाटी भी उत्तरकाशी की प्रसिद्ध घाटियों में से एक है। यह समुद्र तल से 2620 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। जब आप उत्तरकाशी से गंगोत्री जाएंगे, तो उस रास्ते में यह घाटी पड़ेगी। उत्तरकाशी से लगभग 73 किलोमीटर की दूरी पर यह घाटी स्थित है। अगर आप उत्तरकाशी जा रहे हैं, तो इस घाटी में भी आप एक बार जरूर घूमने जाएं।

यह घाटी चारों तरफ से नदी और हरे वृक्षों से घिरी हुई है। राम तेरी गंगा मैली बॉलीवुड फिल्म की शूटिंग भी यहीं पर हुई थी। यहां पर सेब की खेती भी होती है। यहां के सेब भारत में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी काफी ज्यादा Famous हैं। यहां पर हर साल Tourists इस शानदार घाटी में घूमने के लिए जाते हैं।

(4) गंगनाणी (Gangnani) –

उत्तरकाशी से जब आप गंगोत्री मार्ग की ओर जाएंगे, तो 26 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद गंगनाणी स्थित है। इस जगह को लेकर कई पौराणिक मान्यताएं हैं। कहा जाता है कि यह वही जगह है, जहां पर भगवान परशुराम के पिता ऋषि जमदग्नी तपस्या किया करते थे।

गंगनाणी में गंगा, यमुना और सरस्वती तीनों ही नदियों का संगम है। इसलिए यह काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। बसंत ऋतु में यहां पर कई प्रकार के भव्य मेलों का आयोजन होता है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं।

इस कुंड के पानी को भी काफी ज्यादा पवित्र माना जाता है। कहा जाता है कि जो भी इस कुंड के पानी में नहा लेता है, उसका शरीर पवित्र हो जाता है। उसे सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है। यही कारण है कि जब भी श्रद्धालु यहां पर आते हैं, तो वो इस कुंड के पानी में जरूर डुबकी लगाते हैं। इस कुंड के जल को बोतल या फिर बर्तन में भरकर घर भी ले जाया जाता है। जिस प्रकार गंगाजल को घर पर रखा जाता है, उसी तरह इसे भी रख सकते हैं।

(5) डामटा (Damta) –

डामटा यमुना नदी के किनारे बसा हुआ एक छोटा सा शहर है। इस नगर को उत्तरकाशी प्रवेश द्वार के रूप में भी माना जाता है। इस जगह के बारे में यह भी कहा जाता है कि जब भी चार धाम की यात्रा करके श्रद्धालु यहां से गुजरते हैं, तो यहां पर रुकते हैं। डामटा के पास जौनसार और गढ़वाल के कुछ गांव भी हैं।

(6) दयारा बुग्याल (Dayara Bugyal) –

उत्तराखंड के बुग्यालों में दयारा बुग्याल सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। यहां की हरी घास और सुंदर वातावरण देखने में काफी अद्भुत लगते हैं। यह समुद्र तल से 3048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह उत्तरकाशी से 29 किलोमीटर की दूरी पर बसा है। 

उत्तरकाशी घूमने जा रहे हैं, तो यहां पर जरूर जाएं। हर मौसम में यहां पर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। क्योंकि यह स्थान काफी ज्यादा प्रसिद्ध है और सर्दी के मौसम में तो यहां का माहौल और भी ज्यादा अच्छा लगता है। सर्दियों में यहां बर्फ पड़ती है, जिस कारण पूरा दयारा बुग्याल बर्फ की चादर से ढक जाता है। यह नजारा देखने में काफी अद्भुत लगता है ।

(7) हनुमान चट्टी (Hanuman Chatti) –

हनुमान चट्टी समुद्र तल से लगभग 2400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यमुनोत्री से 13 किलोमीटर की दूरी पर यह स्थल है। इस स्थल को भगवान हनुमान जी की स्मृति के रूप में बसाया गया है। कहा जाता है कि यह वही स्थान है, जहां पर भगवान हनुमान जी ने भीम के अहंकार को चूर-चूर किया था।

यहां पर स्थित नदी और प्राकृतिक नजारा आपको काफी ज्यादा सुंदर लगेगा। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पर भगवान हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

(8) हर की दून (Har Ki Doon) –

हर की दून उत्तरकाशी से लगभग 176 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। समुद्र तल से यह घाटी 3500 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां आकर आपको चारों तरफ शानदार हरियाली दिखेगी। यहां का खूबसूरत और शांत माहौल आपका मन मोह लेगा।

इस घाटी से यमुना नदी की दो सहायक नदियां रुपिन और सुपीन बहती हैं। अगर आपको ट्रैकिंग करने का शौक है, तो यहां आपको जरूर जाना चाहिए। इस घाटी से आपको हिमालय पर्वत की कई श्रृंखलाएं दिखाई देंगी, जो आपको काफी सुकून देंगी।

सर्दियों के मौसम में यहां पर बर्फ भी पड़ती है, जिसके बाद यहां का नजारा देखने लायक होता है।

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उत्तरकाशी घूमने में कितना खर्चा आएगा – Uttarkashi Traveling Expenses

उत्तरकाशी उत्तराखंड के सबसे ज्यादा घूमने वाले स्थानों में से एक है। उत्तरकाशी घूमने के लिए प्रति व्यक्ति ₹7000 से ₹12000 खर्चा आ सकता है। क्योंकि उत्तरकाशी अगर आप आएंगे, तो आपको रहने की व्यवस्था और खाने की व्यवस्था भी करनी होगी। इसके अलावा उत्तरकाशी में जब आप एक स्थान से दूसरे स्थान जाएंगे, तो ऑटो या अन्य वाहन का किराया भी लगेगा।

इसके अलावा अगर आप शॉपिंग करते हैं, तो शॉपिंग करने के लिए भी आपको पैसे खर्च होंगे‌। अगर आप ज्यादा शॉपिंग नहीं करते हैं और ज्यादा खर्चा नहीं करना चाहते हैं, तो आप लगभग ₹7000 से ₹10000 में उत्तरकाशी घूम सकते हैं।

बाकी अगर आप यहां से खरीदारी ज्यादा करते हैं और फाइव स्टार होटल में रुकते हैं, तो आपको प्रति व्यक्ति कम से कम 13000 से 15000 रुपए भी खर्च करने पड़ सकते है।

उत्तरकाशी घूमने का सही समय क्या है – Best Time to Visit Uttarkashi

जैसा कि आप जानते ही हैं, उत्तरकाशी में काफी ज्यादा ठंड होती है और बर्फ भी पड़ती है। अगर आप गलत समय पर उत्तरकाशी घूमने का Plan बना लेंगे, तो आप यहां फस भी सकते हैं। इसलिए उत्तरकाशी में घूमने जाने के लिए सबसे अच्छा समय मार्च महीने से नवंबर महीने तक का है।

अगर आप नवंबर के बाद यहां पर जाएंगे, तो बर्फ भी ज्यादा पड़ सकती है और मौसम काफी ज्यादा ठंडा हो सकता है।

उत्तरकाशी में कहां रुके – Where to Stay in Uttarkashi

अगर आप उत्तरकाशी टूर पर जा रहे हैं, तो हम आपको सलाह देंगे कि आप ऑनलाइन पहले ही होटल की बुकिंग करवा लें। कई बार टूरिस्ट प्लेस पर अधिक टूरिस्ट होने के कारण समय पर रूम नहीं मिल पाता है। कभी कभी ऐसा भी होता है कि रूम तो मिलता है, लेकिन काफी महंगा मिलता है।

इसलिए आप आने से पहले ही यहां पर होटल बुक करवा लें। लेकिन होटल बुक करने से पहले होटल का रिव्यू जरूर चेक कर लें। इसके अलावा अगर आप थोड़े कम खर्चे पर उत्तरकाशी में रुकना चाहते हैं, तो आप धर्मशाला में भी रुक सकते हैं। यहां पर काफी सारे धार्मिक स्थल हैं, जहां पर आपको फ्री में या फिर बहुत कम खर्चे में रुकने की सुविधा मिल जाएगी।

उत्तरकाशी कैसे जाएं – How to Reach Uttarkashi

अगर आप Uttarkashi Trip पर जाना चाहते हैं, तो ट्रेन, बस और हवाई जहाज किसी भी साधन से उत्तरकाशी जा सकते हैं –

सड़क मार्ग से (By Road) –

अधिकतर पर्यटक उत्तरकाशी जाने के लिए बस का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि उत्तरकाशी से हर जिले और हर राज्य का कोई ना कोई रूट जुड़ा हुआ है। इसलिए आप अपने राज्य से देहरादून के लिए बस ले सकते हैं और देहरादून से आगे फिर आपको उत्तरकाशी के लिए बस लेनी होगी।

हो सकता है कि कोई बस आपको सीधी उत्तरकाशी की भी मिल जाए। यह रूट पर निर्भर करता है कि आप किस जगह पर रहते हैं।

ट्रेन से (By Train) –

यदि आप ट्रेन से उत्तरकाशी जाना चाहते हैं, तो आपके लिए ट्रेन का सफर भी काफी अच्छा रहेगा। क्योंकि ट्रेन का सफर करने से आपका किराया भी कम लगेगा और आप बिना किसी ट्रैफिक में फंसे सफर का मजा ले सकते हैं। लेकिन उत्तरकाशी में कोई भी रेलवे स्टेशन नहीं बना हुआ है। उत्तरकाशी का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन देहरादून है। 

आपको अपने राज्य से देहरादून के लिए ट्रेन लेनी होगी। देहरादून उतरने के बाद आपको आगे उत्तरकाशी के लिए ट्रेन नहीं मिलेगी। यहां से आपको लोकल टैक्सी, ऑटो या फिर बस के माध्यम से उत्तरकाशी पहुंचना होगा।

हवाई जहाज से (By Airplane) –

आप हवाई जहाज से उत्तरकाशी जाना चाहते हैं, तो आपको अपने राज्य या फिर नजदीकी राज्य के हवाई अड्डे से यहां आने के लिए फ्लाइट की टिकट बुक करवानी होगी। लेकिन उत्तरकाशी में कोई भी हवाई अड्डा नहीं बना है। आपको उत्तरकाशी से 170 किलोमीटर पहले बने जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर उतरना होगा। यहां से फिर आपको आगे उत्तरकाशी जाने के लिए लोकल टैक्सी, बस और अन्य वाहन मिल जायेंगे, जिनका इस्तेमाल करके आप उत्तरकाशी पहुंच सकते हैं।

उत्तरकाशी के संबंध में कुछ प्रश्न – FAQ

प्रश्न – उत्तरकाशी का प्राचीन नाम क्या है?

उत्तर – उत्तरकाशी का प्राचीन नाम सौम्य काशी है।

प्रश्न – उत्तरकाशी का सबसे ऊंचा पर्वत कौन सा है? 

उत्तर – कलांग पर्वत उत्तरकाशी का सबसे ऊंचा पर्वत है।

प्रश्न – देहरादून से उत्तरकाशी जाने में कितना समय लगेगा?

उत्तर – देहरादून से उत्तरकाशी जाने में लगभग 2 घंटे से 3 घंटे का समय लगता है।

प्रश्न – क्या उत्तरकाशी में कोई रेलवे स्टेशन है?

उत्तर – नहीं, उत्तरकाशी में कोई भी रेलवे स्टेशन नहीं है। देहरादून रेलवे स्टेशन उत्तरकाशी का सबसे नजदीक स्टेशन है।

प्रश्न – उत्तरकाशी में कौन सी भाषा बोली जाती है?

उत्तरकाशी में गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा बोली जाती है। 

निष्कर्ष (Conclusion) –

इस पोस्ट के जरिए हमने आपको यह जानकारी दी है कि उत्तरकाशी में घूमने की प्रसिद्ध जगह (Uttarkashi Traveling Places) कौन सी है। इसके अलावा उत्तरकाशी का इतिहास क्या है, उत्तरकाशी की खास चीजें, कैसे आप उत्तरकाशी जा सकते हैं, जाने का सही समय क्या है, उत्तरकाशी में आप कहां रुक सकते हैं और उत्तरकाशी घूमने का कितना खर्चा आएगा, यह सब भी हमने आपको बता दिया है।

अगर आपको फिर भी कुछ पूछना है, तो आप हमें कमेंट सेक्शन में कमेंट कर सकते हैं, Thanks!

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