जन्नत से कम नहीं है मसूरी की ये वादियां | Mussoorie, Uttarakhand in Hindi

Mussoorie, Uttarakhand
Mussoorie (Uttarakhand) Complete Travel Guide in Hindi

उत्तराखण्ड के सबसे ज्यादा लोकप्रिय Tourist Places में से एक है मसूरी। यहाँ पर साल भर सबसे अधिक सैलानी आते हैं। राजधानी देहरादून से मसूरी की दूरी केवल 35 किमी है। यहाँ पर मंसूर के पौधे ज्यादा मात्रा में उगते हैं, जिस कारण इसका नाम मसूरी पड़ गया। मसूरी को पर्वतों की रानी के नाम से भी जाना जाता है। 

आप अपने परिवार के साथ मसूरी का ट्रिप प्लान कर सकते हैं। लेकिन Mussoorie Tour Plan करने से पहले मसूरी के बारे में जानकारी जरूर ले लें, जिससे कि आपका टूर और ज्यादा बेहतरीन बन सके। इसके लिए आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें। 

मसूरी के बारे में जानने से पहले आइए उसके इतिहास के बारे में जान लेते हैं। 

इसे भी पढ़े: History of Uttarakhand in Hindi -उत्तराखंड का इतिहास और संस्कृति: एक व्यापक गाइड

मसूरी का इतिहास (History of Mussoorie) –

History of Mussoorie
History of Mussoorie: Image source

मसूरी के इतिहास की कहानी बहुत आकर्षक है। 1827 ई. से पहले यह जगह एक पहाड़ के रूप में थी। यहाँ कोई भी रहता नहीं था। सन 1827 ई. में अंग्रेज प्रशासनिक अफसर कैप्टन यंग अपने दोस्त के साथ यहाँ पर आये। यहाँ का सुन्दर नजारा देखकर दोनों ही हैरान रह गए। उन्होंने यहाँ पर कैमल बैक की ढलान पर शिकार करने के लिए एक मचान बनाने का सोचा। फिर कुछ समय के बाद यहाँ अंग्रेजों ने पहला भवन बनवाया।

1828 ई.में लंढौर बाजार का निर्माण किया गया। इसके बाद मि. लॉरेंस ने 1829 ई. में लंढौर बाजार में पहली दुकान भी खोली। उन्होंने जिस स्थान पर दुकान खोली थी वहां पर मसूरी का मुख्य डाकखाना स्थित है। भारत सरकार के सर्वेयर सर जार्ज एवरेस्ट ने 1832 ई. में यहाँ पर ट्रिगनोमैट्रिकल सर्वे का दफ्तर बनाया। सन 1890 ई. में हरिद्वार देहरादून रेलमार्ग का भी निर्माण हो गया। इसके बाद से ही मसूरी की लोकप्रियता बढ़ने लगी। 

मसूरी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स (Some Important Points Related to Mussoorie) –

शहर का नाममसूरी
कब स्थापना हुईसन 1827 ई.
क्षेत्रफललगभग 26,069 वर्ग किलोमीटर
कुल जनसंख्यातकरीबन 30,118
जनसंख्या का घनत्व159
साक्षरता89.69%
बोली जाने वाली भाषाएंहिंदी, गढ़वाली और कुमाऊंनी
किस लिए फेमस हैहिल स्टेशन के लिए प्रसिद्ध है

मसूरी की संस्कृति (Culture of Mussoorie) –

जितना खूबसूरत मसूरी है उतनी ही खूबसूरत इसकी संस्कृति भी है। यहाँ के लोगों का व्यव्हार, बोलचाल आदि सभी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। मसूरी के लोग जमीन से जुड़े, मीठा बोलने वाले, मददगार और स्वागत करने वाले होते हैं। उनका जीवन जीने का तरीका बहुत ही सिंपल  होता है। यहां की संस्कृति गढ़वाली, तिब्बती, बौद्ध और कई अन्य लोगों का एक सुंदर मिश्रण है। यहां पर मसूरी की संस्कृति के बारे में वो सब कुछ है, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।

मसूरी के त्यौहार (Festivals of Mussoorie) –

मसूरी में त्यौहारों को बहुत ही अपनेपन के साथ मनाया जाता है। उनके कुछ प्रमुख त्यौहार इस प्रकार से हैं – 

फूलदेई त्यौहार (Phool Dei Festival) – यह त्यौहार मार्च और अप्रैल के महीने में मनाया जाता है। इस त्यौहार के दौरान छोटी छोटी बालिकाएं जंगल में खिलने वाले विशेष फूल को चुनकर लाती हैं। फिर इन फूलों को अपने अपने घरों के मुख्य दरवाजे पर रख देती हैं। ऐसा करना शुभ होता है। इसके बदले में घर के लोग उन्हें गिफ्ट देते हैं। 

बिखौती त्यौहार (Bikhoti Festival) – यह भी मसूरी का एक अनोखा त्यौहार होता है, जो खेती के लिए मनाया जाता है। इस त्यौहार में यहाँ के लोग अच्छी खेती के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं। दस दिन चलने वाले इस त्यौहार में महिलाएं पहले दिन सात प्रकार के अनाज को खेत में लगाती हैं। इसके बाद जब यह अनाज उगने लगता है तो अंदाजा लगाया जाता है कि इस साल खेती कैसी होगी? इतना ही नहीं इस त्यौहार के लास्ट दिन सात बीजों से उगे पौधों को काटकर बालों में लगाया जाता है। 

उत्तरायण या काले कौआ (Uttarayan Festival) – यह मसूरी का एक लोकप्रिय और बेहद खास त्यौहार है, जो हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है। 

हरियाली तीज (Hariyali Teej) – यह अच्छी फसल के बाद मानसून के मौसम का स्वागत करते हुए मनाया जाता है। इसे जुलाई और अगस्त के महीनों में मनाया जाता है। इस त्यौहार में भगवान शिव और देवी पार्वती की मिट्टी की मूर्तियाँ बनाई जाती हैं और स्थानीय लोग उनके सामने पूजा करते हैं। इस दिन बैलों को भी एक दिन की छुट्टी दी जाती है।

शरदोत्सव (Autumn Festival) – म्युनिसिपल बोर्ड ऑटम सुंदर और मनोरंजक ऑटम फेस्टिवल का आयोजन करता है। इसमें रोलर स्केटिंग शो, आतिशबाजी, थिएटर नाटक और अन्य खेल होते हैं। यह 10 दिनों तक चलने वाला त्यौहार रहता है। इस त्यौहार में मंत्री और राज्यपाल भी शामिल होते हैं। 

इन त्यौहारों के अलावा बसंत पंचमी, गर्मियों का त्यौहार, ओल्गिया, हरेला आदि त्यौहारों को भी यहां मनाया जाता है। 

मसूरी का रहन सहन (Lifestyle of Mussoorie) –

यहाँ के लोग खेती पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा हस्तशिल्प भी मसूरी का व्यवसाय है। पर्यटन के कारण भी यहाँ के लोगों को रोजगार मिलता है। इनका रहन सहन बहुत सिंपल रहता है। ये लोग अपनी संस्कृति और सभ्यता के साथ ही जीवन बिताते हैं । 

मसूरी की पारंपरिक पोशाक (Traditional Dress of Mussoorie) –

मसूरी का पारम्परिक पहनावा भी बहुत आकर्षक होता है, जो Tourists को अपनी तरफ आकर्षित करता है। मसूरी में पुरुष सुराव, धोती, पैजामा, कोट, कुर्ता, भोटू, टांक (साफा), कमीज मिरजै, टोपी आदि पहनते हैं। इसके अलावा चूड़ीदार पैजामा, मिरजई, सफेद टोपी, बास्कट, पगड़ी, गुलबंद आदि भी पहनते हैं। जबकि महिलाएं लहंगा, घाघरा, आंगड़ी, चोली, खानू, पिछोड़ा और धोती जैसे परिधान पहनती हैं। 

मसूरी का नृत्य (Dance of Mussoorie) –

मसूरी के लोकप्रिय नृत्य कुछ इस प्रकार हैं – 

झोड़ा नृत्य (Jhora Dance) – झोड़ा मसूरी का एक लोकप्रिय लोक नृत्य है। यह नृत्य यहाँ की ऊंची और निचली जातियों को एक साथ लाता है। यह वसंत ऋतु में सुबह या रात के दौरान होने वाले कार्यक्रमों और समारोहों में किया जाता है। यह नृत्य राज्य में लोकप्रिय मेलों और त्यौहारों के दौरान भी किया जाता है। 

बरदा नाटी (Barda Nati) – बरदा नाटी भी मसूरी के फेमस लोक नृत्यों में शामिल है। यह नृत्य धार्मिक समारोहों में रात के समय किया जाता है। पुरुष और महिलाएं दोनों सुंदर पारंपरिक पोशाक पहनकर नृत्य में भाग लेते हैं। इस नृत्य का मुख्य लक्ष्य तनाव को दूर करके मन को आनंदित करना है। 

लंगविर नृत्य (Langvir Dance) – लंगविर नृत्य मसूरी का सबसे पुराना और प्रसिद्ध लोक नृत्य है। इस नृत्य को उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल क्षेत्र में भी किया जाता है। इस नृत्य में कलाबाजी करते हुए नृत्य किया जाता है। यह खासकर पुरुषों द्वारा किया जाता है। इसमें नृत्य कलाकार को बांस के खंभे पर चढ़ना होता है और ढोल और धमन की थाप पर खुद को संतुलित करना होता है।

पांडव नृत्य (Pandava Dance) – पांडव नृत्य का विषय मुख्य रूप से महाभारत की कथा से रहता है। इस नृत्य को ज्यादातर दिवाली और दशहरा पर किया जाता है, ताकि ज्यादा संख्या में लोग इसे देख सकें और इसका आनंद उठा सकें। इस नृत्य में पांडव राजाओं के जीवन और मृत्यु को दर्शाया जाता है। इसमें कलाकार अपने चेहरे के भावों के माध्यम से कहानियों को अच्छी तरह एक्सप्लेन करते हैं। 

रमोला नृत्य (Ramola Dance) – यह नृत्य वसंत ऋतु के समय किया जाता है। इसमें कवि ढोलक पर गीत गाते हुए जगह-जगह घूमते हैं। इसमें कई लोग एक साथ आते हैं और इन धुनों पर नृत्य करते हैं। यह नृत्य उत्सव आमतौर पर होली के मौसम में मनाया जाता है।

मसूरी का खानपान (Famous Food of Mussoorie) –

Famous Food of Mussoorie

मसूरी की खूबसूरत जगहों को देखने के साथ साथ आप यहाँ के लजीज खाने का भी आनंद ले सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं यहाँ के बेहतरीन खाने के बारे में, जो कि इस प्रकार हैं – 

काफुली (Kafuli) – काफुली डिश को कपा के नाम से भी जाना जाता है। यह डिश सर्दियों के मौसम में बनायी जाती है। यह एक पालक की सब्जी होती है। 

आलू के गुटके (Potato Cubes) – आलू तो सभी को बहुत पसंद होते हैं। मसूरी में आलू का इस्तेमाल करके एक बहुत ही लजीज डिश बनायी जाती है, जिसे आलू के गुटके कहा जाता है। यह एक तरह का स्नैक्स होता है। इसमें बहुत कम मसालों का उपयोग किया जाता है।  

फानू (Fanu) – फ़ानू भी मसूरी की फेमस डिश है। यह एक तरह की पौष्टिक और बहुत ही टेस्टी दाल होती है। इसे तुअर (अरहर) दाल और हरी मुंग दाल से बनाया जाता है।

भांग की चटनी (Hemp Chutney) – इस चटनी का नाम सुन कर आप चौंक गए होंगे। यह चटनी आपको मसूरी के हर घर में मिल जाएगी। यह भांग की चटनी तो होती है, लेकिन इसमें नशा बिलकुल भी नहीं होता है। इसे खाने के साथ परोसा जाता है।  

कबाब (Kabab) – मसूरी में कबाब भी बहुत अच्छा मिलता है। शाम के समय आपको सड़कों पर इसके बहुत सारे स्टॉल मिल जायेंगे। यह एक चटपटी डिश होती है। 

मसूरी घूमने जाने का सही समय (Best Time to Visit Mussoorie) –

वैसे तो मसूरी का मौसम पूरे साल भर अच्छा रहता है। लेकिन सितंबर से लेकर जून महीने तक का समय मसूरी घूमने के लिए बहुत ज्यादा अच्छा रहता है। बारिश के समय यहाँ पहाड़ी इलाकों पर घूमना खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा ज्यादा बर्फ गिरने पर भी घूमने में परेशानी होती है। इसलिए आप जब भी मसूरी घूमने का ट्रिप प्लान करें तो सितंबर से जून में ही जायें।     

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मसूरी में घूमने की जगह (Best Places to Visit in Mussoorie) –

मसूरी घूमने का Tour Plan कर रहे हैं तो आपको पूरा मसूरी घूमने के लिए दो दिन लगेंगे। मसूरी में आप इन स्थानों पर घूमने जा सकते हैं – 

1) मसूरी माल रोड (Mussoorie Mall Road) – मसूरी का माल रोड बहुत ही फेमस प्लेस है। इसे अंग्रेजों के समय बनाया गया था। यह मसूरी के बीचों-बीच बसा हुआ है। यहाँ आपको बैठने के लिए दोनों तरफ बेंच मिल जाएँगी। यहाँ पर आप वीडियो गेम पार्लर, स्केटिंग रिंक आदि का मजा ले सकते हैं।

2) मसूरी लेक (Mussoorie Lake) – मसूरी लेक भी एक बहुत ही फेमस और खूबसूरत प्लेस है। यहाँ पर काफी ज्यादा पर्यटक घूमने आते हैं। इस झील के चारों तरफ का नजारा बहुत सुन्दर रहता है। जो लोग यहाँ पर एक बार आ जाते हैं, उन्हें इस जगह से जाने का मन नहीं करता है। 

3) मसूरी का तिब्बती बौद्ध मंदिर (Tibetan Buddhist Temple of Mussoorie) – यह मसूरी का प्रसिद्ध दार्शनिक स्थल है, जो बहुत ही खूबसूरत तरीके से बनाया गया है। यहाँ पर आपको तिब्बती लोग देखने को मिल जायेंगे।

4) लण्ढोर (Landhor) – यदि आपको भीड़ भाड़ वाली जगह ज्यादा पसंद नहीं है तो आप यहाँ पर जा सकते हैं। यह एक शांत और प्राकृतिक जगह है, जहाँ आपको चारों ओर देवदार के पेड़ दिखाई देंगे। 

5) दलाई हिल्स (Dalai Hills) – यह भी मसूरी का बेहद खूबसूरत Tourist Place है। यहाँ पर आप कैंपिंग भी कर सकते हैं। पिकनिक के लिए यह बहुत ही अच्छी जगह है।  

6) कंपनी गार्डन (Company Garden) – यह माल रोड से करीब 3 किमी की दूरी पर है। यह जगह भी घूमने के लिए बहुत ही शानदार है। परिवार वालों और अपने दोस्तों के साथ आप यहाँ पर समय बिताने के लिए जा सकते हैं। इस गार्डन में आपको हरे भरे पेड़, फाउंटेन, पक्षी और फूल देखने को मिलेंगे। 

7) झरीपानी फॉल्स (Jharipani Falls) – यदि आपने यह फॉल्स नहीं देखा तो मसूरी में कुछ नहीं देखा। मसूरी का यह वाटरफॉल बहुत ही खूबसूरत है। यहाँ से शिवालिक रेंज का दृश्य भी बहुत सुन्दर दिखाई देता है। पूरे साल यहाँ पर लोगों की भीड़ लगी रहती है।  

इसके अलावा आप मसूरी के इन स्थानों पर भी घूम सकते हैं – 

  • झरीपानी फॉल्स
  • मसूरी एडवेंचर पार्क
  • चार दुकान
  • ज्वाला देवी मंदिर
  • गन हिल 
  • बेनोग वाइल्डलाइफ सेंचुरी 
  • कैमल्स बैक रोड
  • देवलसारी 

मसूरी कैसे पहुंचे (How to Reach Mussoorie) –

आप मसूरी जाने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार ऑप्शन चुन सकते हैं, जैसे – 

वायुमार्ग द्वारा (By Air) – मसूरी पहुंचने के लिए आपका सबसे पास का एयरपोर्ट देहरादून का जौलीग्रांट रहेगा। यहाँ से मसूरी लगभग 59 किलोमीटर दूर है। आप कैब या फिर बस से मसूरी जा सकते हैं।   

रेलमार्ग द्वारा (By Rail) – मसूरी में अपना कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। इसलिए मसूरी पहुंचने के लिए सबसे नजदीक का रेलवे स्टेशन देहरादून रेलवे स्टेशन रहेगा। यहाँ से आपको कैब और बस की सुविधा मिल जाएगी।  

सड़क मार्ग (By Road) – मसूरी सड़क के माध्यम से बहुत ही अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इसलिए आप आसानी से बस से Travel करके मसूरी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप अपने निजी वाहन से भी मसूरी जा सकते हैं।   

मसूरी में कहां रुकें (Where To Stay in Mussoorie) –

मसूरी एक टूरिस्ट प्लेस है। इस कारण यहाँ पर आपको रहने के लिए कोई परेशानी नहीं आएगी। मसूरी के माल रोड और गांधी चौक में आपको अच्छे बजट में रूम मिल सकते हैं। यहाँ पर कम से कम 600 रुपए किराया रहता है। साथ ही खाने की भी अच्छी सुविधाएं मिल जाती है। 

मसूरी घूमने के लिए बजट (Budget to Visit Mussoorie) –

मसूरी घूमने का खर्च इस पर निर्भर करता है कि आप कितने दिनों के लिए वहां जाना चाहते हैं। यदि आप दो से तीन दिन के लिए मसूरी जाते हैं तो आपका –

होटल खर्च – 2000 से 3000 रुपये (प्रति व्यक्ति) देना होगा।

खाने का खर्चा – 1000 से 1500 रुपये (एक व्यक्ति का) 

ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा – 3000 रुपये 

अन्य खर्च – 3000 रुपये 

3 दिन के लिए करीब 10000 से 15000 रुपये के बीच का खर्चा आ सकता है। 

FAQs –

Q.मसूरी में कौन–कौन से त्यौहार मनाए जाते हैं?

A. मसूरी में बिखौती, फूल देई, उत्तरायण जैसे त्यौहारों को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।  

Q. मसूरी का लोक नृत्य कौन सा है?

A. मसूरी का झोड़ा नृत्य बहुत प्रसिद्ध है। इसके अलावा बरदा नाटी, लंगविर नृत्य भी काफी प्रसिद्ध है। 

Q. मसूरी कब घूमने जाना चाहिए?

A. मसूरी घूमने के लिए सितंबर से जून का समय सबसे अच्छा रहता है। 

Q. मसूरी भारत में कहां पर स्थित है? 

A. मसूरी उत्तराखंड राज्य में स्थित एक शहर है, जो देहरादून से 35 किमी की दूरी पर बसा हुआ है। 

Q. मसूरी क्यों प्रसिद्ध है?

A. मसूरी अपने प्राकृतिक नजारों और खूबसूरत हिल स्टेशनों के लिए प्रसिद्ध है। 

निष्कर्ष (Conclusion) –

इस आर्टिकल में हमने आपको मसूरी के बारे में पूरी जानकारी दी है। इसमें हमने आपको मसूरी के इतिहास, संस्कृति, भाषा, रहन सहन, खानपान और वहाँ की पारम्परिक वेशभूषा के बारे में बताया है। इसके अलावा आप किस मौसम में वहां जा सकते हैं, कहां रुक सकते हैं, कैसे पहुंच सकते हैं, मसूरी घूमने में कितना खर्च आएगा और कौन कौन सी जगहें आप घूम सकते हैं यह भी जानकारी दी है।

आशा है आपको यह पोस्ट Helpful लगी होगी। यदि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो आप इसे सोशल मिडिया पर भी शेयर करें, Thanks!

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