दूधसागर वॉटरफॉल – एक अद्भभूत जलप्रपात का रोमाचंकारी सफ़र। Dudhsagar waterfall travel guide

Dudhsagar waterfall travel guide

चेन्नई एक्सप्रेस सिनेमा के  एक आयकॉनिक दृश्य में दूध सा एक सफ़ेद, हरियाली भरी गर्द पहाड़ो से बहता हुआ, एक लंबी सी ट्रैन की पटरी से गुजरती ट्रैन का अचानक से रुकना और हीरो और हिरोइन के पापा का एक दूसरे से सामना होना। बस यह सिन की याद रहने का कारण यहीं हैं की इस दृश्य में दिखाई गयी स्टारकास्ट और पीछे का बैकग्राउंड जो नैसर्गिक सुंदरता से लबालब था। ऐसा  बैकग्राउंड देख के वहां पर जाने का मन न हो!! पर इस मूवी के पहले यह जगह का इतनी प्रचलित नहीं थी, पर अगर अभी भी आपको इस जगह के बारे में पता नहीं हैं,  तो चिंतित क्यों होते हैं, हम हैं न।

आज का लेख आखिर तक पढ़िए क्यूंकि कैसे जाए, कितना खर्चा होगा इसकी जानकारी आपको इस आर्टिकल के जरिये मिलेगी।  

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दूधसागर जलप्रपात कि हाइट (Height of Dudhsagar Waterfall)

दूधसागर झरना, भारतीय राज्य कर्नाटक और गोवा की सीमा पर स्थित एक चार स्तरों वाला नैसर्गिक सुंदरता से परिपूर्ण जलप्रपात हैं। यह सड़क मार्ग से पणजी से 60 किलोमीटर दूर है और मडगांव-बेलगाम रेल मार्ग पर मडगांव से 46 किमी पूर्व में और बेलगाम से 80 किमी दक्षिण मडगांव-बेलगाम में स्थित है।

दूधसागर भारत के सबसे ऊंचे झरनों में से एक हैं जिसकी ऊंचाई 310 मीटर (1017 फुट) और औसत चौड़ाई 30 मीटर (100 फुट) के बीच है। वर्ल्ड हाइएस्ट वॉटरफॉल में दूधसागर वॉटरफॉल का नंबर २२७ पर आता हैं। भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य के घने जंगलों से घिरा यह झरना एक समृद्ध जैव विविधता से भरा हुआ हैं। 

आखिर कैसे पड़ा दूधसागर नाम? क्या है उसकी कहानी और महती। (Story of Dudhsagar Waterfall)

Dudhsagar Waterfall travel guide

दूधसागर यानि दूध का सागर या फिर दूध सा सफ़ेद दिखनेवाला सागर। इसके पीछे की रोचक कहानी या किवदंती के अनुसार पौराणिक काल में पश्चिमी घाटों में एक झील हुआ करती थी जहाँ एक राजकुमारी अपनी सहेलियों के साथ हमेशा स्नान करने आती थी। स्नान उपरांत वो दूध का सेवन करती थी। एक दिन स्नान करते समय एक नवयुवक यात्री की नजर उनपे पड़ी और वो उनको निहारते हुए वही खड़ा रह गया।

यह देख राजकुमारी की सहेलियोंने कांच के सामान स्वच्छ और साफ़ पानी में अपनी लज्जारक्षा हेतु दूध का घड़ा पानी में उड़ेल दिया जिस कारण पूरा झरना दूध सा सफ़ेद हो गया। तबसे अब तक झरने का पानी आज भी दूध सा सफ़ेद दिखाई देता हैं। बरसात के मौसम में जब यह झरना बहता हैं तो हवा की तेज बहाव से और ऊंचाई की गिरने की वजह से झरने का पानी पूरा दूधिया हो जाता हैं, देखने पर जैसे प्रतीत हो की दूध का सागर ही बह रहा हो इसलिए भी इसे दूधसागर नाम पड़ा हैं।  

कैसे पहुंचे दूधसागर वॉटरफॉल (Best time to visit in Dudhsagar Waterfall)

वैसे तो दूधसागर वॉटरफॉल कभी सूखता नहीं हैं, पानी कभी ज्यादा या कम होता हैं, पर मानसून पर विजिट करना एक बहोत ही रोमांचकारी अनुभव होता हैं, इसलिए जून से सितंबर यह सही समय हैं। अगर आप गोवा ट्रिप का प्लान कर रहे हैं तो एक दिन तो आपको इस वॉटरफॉल को विजिट करने के रखना ही पड़ेगा। नॉर्थ गोवा से 70 किलोमीटर और साउथ गोवा से 40-50 किलोमीटर की दुरी पर हैं। यहाँ पहुंचने के लिए आप टू व्हीलर या फॉर व्हीलर रेंट कर सकते हैं।

दूसरा पर्याय हैं की आप रेल से जा सकते हैं उसके लिए आपको कुलेम रेल स्टेशन तक पहुंचना होगा। नॉर्थ और साउथ गोवा से आप केवल 15 रुपये की टिकट से सुबह आने वाली पैसेंजर ट्रैन पकड़ कर कुलेम पहुँच सकते हैं। कुलेम स्टेशन से आप फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की जीप सफारी बुक कर सकते हैं जो प्रति व्यक्ति 500 रुपये लेती हैं और 40 रुपये की लाइफ जैकेट भी अनिवार्य हैं। फॉरेस्ट एंट्री फी 100 रूपये की हैं तो कुल आपका खर्चा 640 रूपया हो जायेगा जो जीप आपको लेके जायेगी वही आपको लेके भी आएगी।

Best time to visit in Dudhsagar Waterfall

जीप की टाइमिंग सुबह 8:30 से 3 बजे तक ही हैं। उसके बाद आपको दूधसागर फॉल को विजिट नहीं कर सकते हैं। 4 साल के छोटे बच्चे के लिए किसी भी प्रकार के शुल्क आपको देने की जरुरत नहीं हैं। जीप से झरने के बिच का सफर आपको पूरी तरह से जंगल सफारी का अनुभव देगा। 

जीप से वॉटरफॉल तक का सफर आधे घंटे से लेकर पेंतालिस मिनट का होता हैं। वॉटरफॉल से १० मिनट की दुरी पर पार्किंग लॉट पर जीप आपको उतार देगी। वहां से 10 मिनट की दुरी तय करते वक़्त आपको वाटरफॉल तक जाना होता हैं, जो छोटे छोटे नहर, पुल से होते हुए गुजरता हैं। आपको वॉटरफॉल को एन्जॉय करने के लिए 2 घंटे का वक़्त दिया जाता हैं, जिसमे आप वॉटरफॉल में नहाने का, डूबने का और उसकी ख़ूबसूरती को नजदीक से निहारने का लुफ्त उठा सकते हैं। फॉरेस्ट टूरिज़म की तरफ़ से वहां आपको चेंजिंग रूम की  व्यवस्था की गयी हैं। 

उसी जीप से आप वापस आने के बाद आप कुलेम मार्केट से लंच या खरीदारी कर सकते हैं। अगर ट्रैन से आपने ट्रेवल किया हैं तो वापसी की वही पैसेंजर ट्रैन आपको शाम को 5. 20 को मिलेगी। 

दूसरा तरीका अगर आप गूगल करें तो रेलवे ट्रैक के ऊपर से फुट ट्रेक करने की जानकारी देगा जो हमारी राय के चलते बिलकुल भी सही, उचित और सुरक्षित नहीं हैं। यहाँ तक की फॉरेस्ट और रेल ऑथॉरिटी भी आपको यह ट्रेक करने की अनुमति नहीं देता हैं। अगर आप फिर भी ट्रैन पटरी पर से ट्रेक करते हैं और आर पी एफ पुलिस द्वारा पकड़े जाते हैं तो आपको सेक्शन 147 के तहत 6 महीने की जेल और 2000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा। 

 कुलेम स्टेशन से ट्रेक करते हुए दूधसागर वॉटरफॉल तक की दुरी लगभग ग्यारह किलोमीटर की हैं जिसे पार करने के लिए आपको 3. 30 घंटे लग सकते हैं। कुल मिलाके 22 किलोमीटर का ट्रेक पूरा करने के लिए आपको 7 घंटे लग सकते हैं। रेल की पटरी की दोनों बाजु अभयारण्य होने की वजह से छोटीसी जगह ही उपलब्ध हैं और जंगली श्वापदों का भी ख़तरा रहता हैं। रेल की पटरी पर ट्रेक करते वक़्त अगर कोई ट्रैन गुजरती हैं तो आपको ठीक और सुरक्षित तरीके से खड़े रहने के लिए पर्याप्त ज़गह नहीं मिल सकती क्यूंकि छोटे और अंधियारे टनेल भी वहां हैं। पुरे रास्ते में आपको कोई भी खाने – पीने की व्यवस्था तथा शौचालय नहीं मिलेगा। 

इसलिए आप कितने भी मंजे हुए ट्रेकर हो कृपया इस ट्रेक का उपयोग करते हुए कानून का उल्लंघन न करें।  

दूधसागर वॉटरफॉल का बजट (Budget of Dudhsagar waterfall)

आपके शहर से गोवा का आपने जो भी ट्रिप का बजेट बनाया होगा उसके व्यतिरिक्त गोवा के किसी भी स्थान से दूधसागर वॉटरफॉल को आने और जाने का खर्चा आपका प्रति व्यक्ति 600 रुपये हो सकता हैं। इसमें आपका ट्रैन या व्यक्तिगत वाहन का खर्चा भी पकड़ा गया हैं। मानसून में भारी वर्षा के कारण फारेस्ट जीप की बुकिंग बंद भी हो सकती हैं, इसलिए जाने से पहले इस बात की पुष्टि कर ले। गोवा के किसी भी ट्रेवल एजेंसी से आपको इसको बारे में जानकारी मिल सकती हैं।  

निष्कर्ष

भारतीय राज्य कर्नाटक और गोवा की सीमा पर स्थित दूधसागर वॉटरफॉल एक रमणीय प्राकृतिक स्थल है। यह सफेद जलप्रपात अपनी खूबसूरती और प्राकृतिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इसे जून से सितंबर के मानसून मौसम में जाना सुझाया जाता है जब झरने की सुंदरता परतवार बन जाती है। पूरे ट्रिप का व्यवस्थित खर्च लगभग ९०० रुपये प्रत्येक व्यक्ति के लिए हो सकता है। लेख में बताएं गए सूचनाओं का ध्यान रखे और एक आनंदमयी यात्रा का अनुभव करें।

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