टिहरी में घूमने के लिए 7 सबसे अच्छे टूरिस्ट प्लेसेज | Tehri Uttarakhand

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टिहरी उत्तराखंड राज्य का एक ऐसा जिला है, जहां बहुत सारे धार्मिक और पर्यटन स्थल (Tourist Places) बने हुए हैं। टिहरी पर्यटन स्थल क्योंकि पर्वत पर बना हुआ है, इसलिए यहां पर कुदरत की सुंदरता का नजारा चारों तरफ देखने को मिलता है। इस स्थान पर भारी मात्रा में श्रद्धालु तो आते ही हैं, लेकिन इसके अलावा देश-विदेश से भी बहुत सारे लोग इस खूबसूरत जिले को घूमने आते हैं।

अगर आप एक बहुत सुंदर, शांत और धार्मिक स्थल पर जाने की सोच रहे हैं, तो आपको एक बार टिहरी जरूर जाना चाहिए। आज के इस आर्टिकल में हम आपको टिहरी जिले के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं, जो आपके Travel के दौरान आपके लिए बहुत ही यूजफुल रहेंगी। टिहरी से संबंधित सारी जानकारी पाने के लिए Tehri Travel Guide की इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें।

टिहरी का इतिहास (History of Tehri in Hindi) –

टिहरी का इतिहास बेहद पुराना है। धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से इसका महत्व काफी ज्यादा है। इसकी स्थापना सन 1815 के दौरान राजा सुदर्शन शाह ने की थी। उस समय यह भारत की सैकड़ो रियासतों में से एक थी, जो काफी बड़ी थी। इसके साथ ही प्राचीन समय से ही यह जगह गणेश प्रज्ञाग और धनुष तीर्थ के तौर पर भी Famous है। 

उसके बाद ऐसे ही समय बीतता गया। फिर जब भारत आजाद हुआ, तो तब भी टिहरी ने एक आजाद राज्य के तौर पर अपनी पहचान बनाए रखी। उसके बाद 1 अगस्त 1949 को इस रियासत को भारत संघ में मिला लिया गया और उसके बाद से ही इसे जनपद के तौर पर पहचाना जाने लगा। यही वजह है कि आज भी घूमने फिरने के शौकीन लोग जब उत्तराखंड जाते हैं, तो टिहरी की सुंदरता का आनंद जरूर लेते हैं।

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टिहरी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स (Some Important Things About Tehri) –

जगह का नाम टिहरी 
कौन से राज्य में है उत्तराखंड 
किस लिए फेमस है धार्मिक स्थानों और साहसिक पर्यटन स्थलों के कारण 
घूमने के लिए सही समयगर्मी और सर्दी 
देखने लायक जगहेंसुरकंडा देवी मंदिर, नाग टिब्बा, टिहरी डैम, ओणेश्वर महादेव मंदिर इत्यादि 
कैसे पहुंचे बस, ट्रेन या फिर रोड से 
कुल खर्च 7000 रुपए प्रति व्यक्ति 

टिहरी की संस्कृति (Culture of Tehri in Hindi) –

टिहरी जिले की अगर संस्कृति की बात की जाए तो यहां पर हमें पहाड़ी संस्कृति देखने को मिलती है। यह जिला अपनी ऐतिहासिक परंपरा के साथ साथ अपने Culture के लिए भी जाना जाता है। यहां पर बना हुआ टिहरी बांध और बहुत सारे दर्शनीय स्थल इस जगह को खास बनाते हैं। इसके अलावा यहां पर गढ़वाली संस्कृति की झलक हर तरफ दिखाई देती है, जो कि इस जिले की विशेषता भी मानी जाती है।

टिहरी के त्यौहार (Festivals of Tehri) –

टिहरी क्योंकि उत्तराखंड राज्य में बसा हुआ है, इसलिए यहां के जो त्योहार हैं ज्यादातर वहीं हैं जो उत्तराखंड में मनाए जाते हैं, जैसे कि –

  • कुंभ मेला 
  • बसंत पंचमी
  • फूल देई 
  • हरेला 
  • मकर संक्रांति
  • वट सावित्री
  • गंगा दशहरा
  • कांवर यात्रा
  • बिस्सू मेला
  • हिलजात्रा
  • माघ मेला 

टिहरी का रहन सहन (Lifestyle of Tehri) –

टिहरी जिला उत्तराखंड राज्य में है। इस वजह से यहां के लोगों का जो रहन-सहन है, वह बिल्कुल वैसा ही है जैसा की पहाड़ी लोगों का होता है। टिहरी में कुमाऊनी और गढ़वाली लोग सबसे ज्यादा हैं। यहां के लोग अपनी जीविका चलाने के लिए सीढ़ीनुमा खेती बाड़ी करते हैं। इसके अलावा इन लोगों की जीविका काफी हद तक पर्यटन पर भी निर्भर करती है। टिहरी के लोग सादा जीवन जीना पसंद करते हैं और सादा तरीके से रहते भी हैं। लेकिन त्यौहार के अवसर पर ये लोग खूबसूरत कपड़े पहनकर खुद को सजाते हैं। 

टिहरी की पारंपरिक वेशभूषा (Traditional Dress of Tehri Uttarakhand) –

अगर टिहरी जिले की पारंपरिक वेशभूषा की बात करें, तो यहां के पहनावे में अलग-अलग तरह के कपड़े और आभूषण शामिल हैं। यहां पर रहने वाली महिलाएं आमतौर पर घाघरा, लहंगा, खानू, धोती और आंगड़ी, पहनती हैं। आभूषणों में महिलाएं बिछुआ, नथ, कर्णफूल और कुंडल इत्यादि पहनती हैं। वहीं टिहरी के पुरुष धोती, पजामा, कोट, कमीज टोपी, साफा इत्यादि पहनते हैं। इसके अलावा विशेष अवसरों पर पुरुष बास्केट, गुलबंद, चूड़ीदार पजामा, कुर्ता इत्यादि पहनते हैं। 

टिहरी का नृत्य (Dance of Tehri) –

टिहरी जिले के लोक नृत्य में उत्तराखंड राज्य की परंपराएं और रीति रिवाज की झलक साफ तौर से दिखाई देती है। यहां पर जो नृत्य सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है, उनके नाम निम्नलिखित हैं – 

  • थड़िया नृत्य – टिहरी जिले में जब लड़कियों की शादी हो जाती है, तो वे शादी के बाद इस नृत्य को करती हैं। यह लड़कियों द्वारा तब किया जाता है, जब वे शादी के बाद पहली बार अपने मायके आती हैं। इस नृत्य को प्यार और लगाव का प्रतीक कहा जाता है। 
  • चौंफला नृत्य – चौंफला नृत्य एक ऐसा डांस है जिसे समूह बनाकर किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब वे इस नृत्य को करते हैं तो इससे भगवान शिव शंकर और मां पार्वती खुश होते हैं। इस नृत्य को करते वक्त किसी भी तरह के वाद्य यंत्र का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि हाथों से तालियां और पैरों की थाप से झंकार पैदा की जाती है। 
  • हारूल नृत्य – हारूल नृत्य जौनसारी जनजाति के लोग करते हैं। यह डांस पांडवों के जीवन पर पूरी तरह से आधारित है। इस Dance को करते वक्त रामतुला नाम का एक वाद्य यंत्र बजाना बहुत जरूरी होता है। 
  • झुमैलो नृत्य – झुमैलो नृत्य नई शादीशुदा लड़कियां करती हैं। यह डांस नारी की वेदना पर आधारित है और उसके अपने मायके से जुड़े हुए प्रेम को दर्शाता है। 
  • सरौं नृत्य – टिहरी जिले के गढ़वाली लोग सरौं नृत्य भी करते हैं। इसको करते वक्त ढोल बजाया जाता है। इस नृत्य को भूटिया जनजाति के लोग पौंणा नृत्य कहते हैं। 
  • मंडाण नृत्य – देवी-देवताओं की पूजा के समय और शादी विवाह के अवसरों पर टिहरी के निवासी इस नृत्य को करते हैं। इस डांस को केदार नृत्य के नाम से भी जाना जाता है। मंडाण नृत्य को करते वक्त टिहरी के लोग लोक कथाएं गाते हैं। इनके जो गीत होते हैं वे ज्यादातर महाभारत के अलग-अलग घटनाक्रमों से जुड़े होते हैं। 
  • बुड़ियात नृत्य – बुड़ियात नृत्य जौनसारी समाज में विशेष अवसरों जैसे कि शादी विवाह, उत्सव और खुशी के मौके पर किया जाता है। 
  • चांचरी नृत्य – टिहरी के लोग इस नृत्य को माघ के महीने में चांदनी रात में करते हैं। इस नृत्य को कुमाऊं क्षेत्र के लोग झोंड़ा नृत्य भी कहते हैं। यह एक शृंगारिक नृत्य के तौर पर जाना जाता है। 
  • लोटा नृत्य – यह नृत्य सिर पर बहुत से लोटो को एक श्रृंखला के रूप में रखकर और फिर उनमें आग जलाकर किया जाता है। 

टिहरी का खानपान (Famous Food of Tehri) –

टिहरी के अगर खानपान की हम बात करें, तो यहां पर हमें पहाड़ी खाने का आनंद उठाने का मौका मिलता है। इस स्थान पर जो सबसे ज्यादा Famous Foods हैं, वे निम्नलिखित हैं – 

  • काफुली (Kafuli) – काफुली एक बहुत ही स्वादिष्ट व्यंजन होता है, जिसे बनाने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों का Use किया जाता है। पहाड़ी लोग इस डिश को बहुत शौक से खाते हैं, और यह यहां का Traditional Food भी है। जब भी किसी के घर में कोई मेहमान आता है, तो उसे काफुली बनाकर जरूर खिलाया जाता है। यह Dish स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। 
  • आलू टमाटर का झोल (Aloo Tamatar Ka Jhol) – टिहरी में आलू टमाटर का झोल भी एक काफी लोकप्रिय डिश है। इसे बनाने के लिए आलू टमाटर और प्याज का मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे झटपट तैयार किया जा सकता है। इसका स्वाद लाजवाब होता है और यही कारण है कि टिहरी उत्तराखंड के लोग इसे काफी ज्यादा पसंद करते हैं। 
  • सिंगोरी (Singori) – सिंगोरी एक मिठाई है, जो टिहरी का एक मीठा व्यंजन है। इसे बनाने के लिए खोवा का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें चीनी और नारियल भी डाला जाता है। इस मिठाई को मालू के पत्ते में लपेटने के बाद मेहमानों को परोसा जाता है।  
  • टिहरी के कुछ अन्य फेमस फूड – टिहरी में कुछ अन्य फेमस फूड भी हैं, जो काफी ज्यादा प्रसिद्ध हैं, जैसे कि कुमाऊनी रायता, गुलगुला, अरसा, चैंसू, कंडाली का साग, झंगोरा की खीर, आलू गुटुक, फानू, भांग की चटनी इत्यादि। 

टिहरी घूमने जाने का सही समय (Best Time to Visit Tehri) –

वैसे तो टिहरी जिला घूमने के लिए साल भर में कभी भी जाया जा सकता है। लेकिन यह एक पहाड़ी इलाका है, इसलिए, बरसात के मौसम में यहां पर घूमने नहीं जाना चाहिए। लेकिन अगर आपको ठंड का मौसम पसंद है, तो ऐसे में आप इस टूरिस्ट प्लेस पर भरपूर आनंद उठा सकते हैं। वहीं अगर आपको गर्मियों का मौसम अच्छा लगता है, तो तब भी आपको यहां के प्राकृतिक नजारे मायूस नहीं करेंगें।

गर्मियों में आप मार्च, अप्रैल और मई के महीने में इस शानदार जगह पर घूमने का Plan बना सकते हैं। अगर आप सर्दियों में इस जगह का आनंद लेना चाहते हैं, तो ऐसे में आप नवंबर, दिसंबर, जनवरी और फरवरी के महीने में जा सकते हैं। 

टिहरी में घूमने लायक जगह (Best Places To Visit in Tehri) –

वैसे तो टिहरी में घूमने लायक एक नहीं, बल्कि बहुत सारी जगहें आपको मिल जाएंगी। लेकिन यहां हम आपको कुछ ऐसे पर्यटन और धार्मिक स्थलों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आपको टिहरी की यात्रा के दौरान जरूर घूमना चाहिए। तो Tehri Uttarakhand में आप जब भी जाएं, तो इन जगहों पर जाना ना भूलें, जो निम्नलिखित हैं –

(1) सुरकंडा देवी मंदिर (Surkanda Devi Temple) :-

सुरकंडा देवी मंदिर दुर्गा मां का एक Famous मंदिर है। यह पहाड़ों की चोटी पर बना हुआ है। इस मंदिर की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 3000 फिट है। इतनी ज्यादा ऊंचाई पर होने के कारण यहां से आसपास के नजारे बहुत ही आकर्षक दिखाई देते हैं। यहां पर दुर्गा मां की पूजा करने आए श्रद्धालुओं को एक बहुत ही अनूठा एहसास होता है। इस मंदिर में भारत के अलावा दूसरे देशों से भी लोग घूमने के लिए आया करते हैं। 

(2) नाग टिब्बा (Nag Tibba) :-

जिन लोगों को Trekking करना बहुत पसंद है, उन्हें टिहरी के नाग टिब्बा पर जरूर घूमने जाना चाहिए। यहां पर ट्रेकिंग के अलावा और भी बहुत सारी चीज़ें की जा सकती हैं। इस स्थान का सबसे बड़ा आकर्षण है कि आप ट्रेकिंग करते वक्त देवदार के पेड़ों और गंगोत्री केदारनाथ की पर्वत चोटियों का आनंद ले सकते हैं। दरअसल यह जंगल देवदार के पेड़ों से घिरा हुआ है, जिसके कारण यह Tourist Place काफी सुंदर और अनोखा दिखाई देता है। 

(3) टिहरी डैम (Tehri Dam) :-

टिहरी डैम दुनिया भर में काफी ज्यादा मशहूर है, क्योंकि यह दुनिया का पांचवां सबसे Highest Dam है। भिलंगना नदी और भागीरथी नदी जहां मिलती हैं, यह बांध वहां बना हुआ है। इस डैम की ऊंचाई लगभग 261 मीटर है और इस वजह से ही Tourists इस पर्यटन स्थल की तरफ आकर्षित होते हैं। यहां के आसपास के दृश्य इतने ज्यादा अद्भुत होते हैं कि अगर आप एक बार यहां चले गए, तो आप घंटों अपना टाइम यहां पर बिता सकते हैं। 

(4) चंद्रबदनी मंदिर (Chandrabadni Temple) :-

चंद्रबदनी मंदिर टिहरी उत्तराखंड का एक बहुत ही विशाल और जाना-माना मंदिर है। यह मंदिर माता सती की शक्तिपीठों में से एक है। इसकी ऊंचाई लगभग 8000 फिट है। चंद्रकुट पर्वत पर बना हुआ चंद्रबदनी मंदिर देखने में काफी ज्यादा सुंदर और अलौकिक है। यह स्थान इसलिए भी प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां पर आदि गुरु शंकराचार्य ने शक्तिपीठ को स्थापित किया था। अगर आपको शांत वातावरण और ईश्वर के करीब रहना पसंद है, तो चंद्रबदनी मंदिर आपको बहुत पसंद आएगा।  

(5) ओणेश्वर महादेव मंदिर (Oneshwar Mahadev Temple) :-

ओणेश्वर महादेव मंदिर टिहरी का एक बेहद प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल है। यहां पर भारत के कोने-कोने से और विदेशों से भी श्रद्धालु पूजा-पाठ करने के लिए आते हैं। पूजा के वक्त यहां पर महादेव के चरणों में श्रीफल चढ़ाया जाता है। यह मंदिर क्योंकि पहाड़ी के नीचे की तरफ बना हुआ है, इस वजह से यह काफी ज्यादा Unique और Attractive दिखाई देता है। यहां पर श्रद्धालुओं की भीड़ काफी ज्यादा होती है, क्योंकि महादेव के इस मंदिर में दिल और दिमाग को काफी ज्यादा शांति प्राप्त होती है। 

(6) केंपटी फॉल (Kempty Fall) :-

अगर केंपटी फॉल को प्रकृति का एक बहुत सुंदर वरदान कहा जाए, तो गलत नहीं है। क्योंकि यह देखने में काफी ज्यादा अनोखा लगता है। इसे देखने के लिए बहुत सारे Tourists हर साल आते हैं, और इसकी प्राकृतिक सुंदरता का अलौकिक आनंद भरपूर उठाते हैं। यह झरना समुद्र तल से लगभग 1215 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है। इसके आसपास प्रकृति के एक से बढ़कर एक सुंदर दृश्य देखने को मिलते हैं। जो भी श्रद्धालु चार धाम की यात्रा पर जाता है, वह इस जगह पर जरूर रुकता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता का भरपूर आनंद उठाकर फिर अपने आगे के सफर पर निकल जाता है। 

(7) बूढ़ा केदारनाथ मंदिर (Budha Kedarnath Temple) :-

यह Tourist Place लोगों की नजरों में अब काफी अहमियत प्राप्त कर चुका है। दरअसल बूढ़ा केदार मंदिर बाल गंगा और धर्म गंगा के संगम के स्थान पर बना हुआ है, जिसकी वजह से यह लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर की बहुत सारी पुरानी मान्यताएं हैं। उनमें से एक मान्यता यह है कि जो भी इसके एक बार दर्शन कर लेता है, वह पापों से मुक्त हो जाता है। इसके साथ ही यहां पर एक बहुत ही विशाल शिवलिंग बना हुआ है। इस शिवलिंग को भारत का सबसे बड़ा शिवलिंग कहा जाता है। हनुमान, पार्वती और द्रौपदी जैसे देवी देवताओं के उकेरे गए सुंदर-सुंदर चित्र बूढ़ा केदारनाथ मंदिर के सौंदर्य में चार चांद लगाते हैं। 

टिहरी कैसे जाएं (How to Reach Tehri) –

टिहरी की यात्रा का अगर आप Plan बना रहे हैं, तो इसके लिए आपको सफर के दौरान कोई भी समस्या नहीं होगी। दरअसल आप अपने शहर या राज्य से हवाई जहाज ट्रेन या फिर सड़क से इस सुंदर Tourist Place तक पहुंच सकते हैं। यहां हम तीनों यातायात के साधनों के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं, जो इस प्रकार से है –

  1. हवाई जहाज के द्वारा (By Airplane) – अगर आप Flight से टिहरी जिले तक पहुंचना चाहते हैं, तो इसके लिए जो सबसे नजदीकी Airport है, वह जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है। अगर आप दिल्ली से फ्लाइट पकड़ कर Tehri की यात्रा करते हैं, तो आप लगभग एक या डेढ़ घंटे में देहरादून एयरपोर्ट पर पहुंच जाएंगें। इसके बाद आप अपने आगे का सफर टैक्सी लेकर या फिर बस लेकर कर सकते हैं। 
  2. रेल के द्वारा (By Train) –  अगर आप टिहरी तक रेल के द्वारा पहुंचना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको अपने राज्य या शहर से ऋषिकेश रेलवे स्टेशन तक पहुंचना होगा। Train से बहुत सारे लोग सफर करते हैं और इसलिए हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचने के लिए बहुत सारी ट्रेनें चलती हैं, जिसकी वजह से रेल से टिहरी पहुंचना बहुत ही Easy है। 
  3. सड़क के द्वारा (By Road) – यदि आपने यह योजना बनाई है कि आप By Road टिहरी जाएंगे, तो ऐसे में आपको देश के अलग-अलग राज्यों से और शहरों से Bus Facility आसानी से मिल जायेगी। देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के जो बस स्टेशन हैं, वहां तक पहुंचने के बाद आप टिहरी उत्तराखंड तक आसानी से पहुंच सकते हैं। 

टिहरी में कहां रुकें (Where to Stay in Tehri) –

यदि आप टिहरी जाना चाहते हैं, तो आपको अपने रुकने के लिए बिल्कुल भी परेशानी नहीं होगी। दरअसल यहां पर भारी तादाद में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इसलिए टिहरी जिले में रहने के लिए अच्छा बंदोबस्त होता है। आप अपने बजट के हिसाब से किसी भी महंगे या फिर सस्ते होटल में रुक सकते हैं। लेकिन अगर आप पीक सीजन में अपनी Trip Plan कर रहे हैं, तो बेहतर होगा कि आप पहले ही अपने रुकने के लिए Hotel में Booking कर लें। ताकि आपको बाद में कोई परेशानी ना हो सके।

टिहरी घूमने के लिए टूर पैकेज (Tour Packages to Visit Tehri) –

टिहरी घूमने के लिए जो टूर पैकेज है, वे बहुत सारे होते हैं। क्योंकि हर इंसान की जरूरत अलग-अलग होती है। इस जगह यदि आप घूमने जाना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि आप किसी Tour and Travel Company से कांटेक्ट करें, क्योंकि उनके पास आपकी जरूरत के हिसाब से पूरा बजट प्लान होता है। वैसे इस क्षेत्र में घूमने के लिए अगर आप तीन दिन का Plan बनाते हैं, तो ऐसे में एक इंसान का खर्च 7,000 से 8,000 रुपए तक आ सकता है। 

FAQs –

Q. टिहरी कहां पर बसा हुआ है?

टिहरी जिला भारत के उत्तराखंड राज्य में बसा हुआ है। 

Q. टिहरी किस लिए फेमस है? 

टिहरी अपने प्राकृतिक सौंदर्य और दर्शनीय स्थलों के कारण दुनिया भर में जाना जाता है। 

Q. टिहरी का पुराना नाम क्या है? 

टिहरी का पुराना नाम त्रिहरी था, जिसे बाद में बदल दिया गया। 

Q. टिहरी घूमने कब जाना चाहिए?

टिहरी जिले को घूमने के लिए बरसात के मौसम को छोड़कर कभी भी जाया जा सकता है। दरअसल यह एक पहाड़ी क्षेत्र है, बारिश में यहां पर जगह-जगह बहुत ज्यादा फिसलन हो जाती है। 

निष्कर्ष (Conclusion) –

इस पोस्ट में हमने आपको आज Tehri Uttarakhand से जुड़ी हुई सारी जानकारी दी है। आपको हमने टिहरी का इतिहास, वहां की संस्कृति, वहां के त्यौहार, घूमने वाली सबसे अच्छी जगहें, टूर के लिए सबसे अच्छा समय, टिहरी का फेमस खाना इत्यादि के बारे में डिटेल में बताया है। साथ ही साथ हमने आपको यह भी बताया कि टिहरी कैसे पहुंचे, टिहरी में रुकने की जगह और टिहरी के लिए कितना खर्च आएगा। हमें आशा है कि आपको यह आर्टिकल जरूर Helpful लगा होगा।

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